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बिहार में 12 विधायकों को मिला सरकारी आवास, पटना में भवन निर्माण विभाग ने जारी किया आवंटन आदेश

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बिहार सरकार ने पटना में 12 विधायकों को सरकारी आवास आवंटित किए हैं। भवन निर्माण विभाग ने आदेश जारी किया है, जिसमें कई वीआईपी लोकेशन पर आवास शामिल हैं।

पटना/आलम की खबर:बिहार में विधायकों के आवासीय प्रबंधन को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पटना में भवन निर्माण विभाग ने विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले 12 विधायकों को सरकारी आवास आवंटित किए हैं। इस संबंध में विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है।

आवंटन प्रक्रिया के तहत कई विधायकों को राजधानी पटना के वीआईपी इलाकों में सरकारी आवास उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित किया गया है।

वीआईपी लोकेशन पर मिला आवास

जारी आदेश के अनुसार दरभंगा से विधायक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को बंदर बगीचा क्षेत्र में आवास आवंटित किया गया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी को 2एम स्टैंड रोड स्थित आवास मिला है।

कटिहार से पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद को गर्दनीबाग स्थित मंत्री आवास परिसर में आवास दिया गया है। बनमनखी विधायक कृष्ण कुमार ऋषि को हार्डिंग रोड और बांका विधायक राम नारायण मंडल को ऑफ पोलो रोड पर आवास आवंटित किया गया है।

अन्य विधायकों को भी मिला आवास

बड़हरा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह को वीरचंद पटेल पथ स्थित आवास दिया गया है। बिहारशरीफ विधायक डॉ. सुनील कुमार को गर्दनीबाग मंत्री आवास परिसर में स्थान मिला है। हरनौत विधायक हरि नारायण सिंह को नेहरू पथ पर आवास आवंटित किया गया है।

झाझा विधायक दामोदर रावत को हार्डिंग रोड स्थित 18 नंबर आवास मिला है। फुलवारी विधायक श्याम रजक को 28 हार्डिंग रोड पर आवास दिया गया है।

झंझारपुर विधायक नीतीश मिश्रा को नौ मैंगल्स रोड, अमरपुर विधायक जयंत राज को पांच पोलो रोड और फुलपरास विधायक शीला कुमारी को 23 एम स्ट्रैंड रोड स्थित आवास दिया गया है।

फतुहा विधायक डॉ. रामानंद यादव को तीन हार्डिंग रोड स्थित आवास आवंटित किया गया है।

प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की कोशिश

सरकार का यह कदम राजधानी पटना में विधायकों के आवासीय प्रबंधन को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल आवास आवंटन प्रणाली पारदर्शी होगी, बल्कि प्रशासनिक समन्वय भी बेहतर होने की उम्मीद है।

निष्कर्ष

बिहार सरकार द्वारा 12 विधायकों को सरकारी आवास आवंटित करने का यह फैसला राजधानी पटना में राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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सरकारी आवास आवंटन व्यवस्था लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन इसकी पारदर्शिता और समानता बेहद जरूरी है। ऐसे फैसलों से प्रशासनिक व्यवस्था तो मजबूत होती है, लेकिन जनता की नजर में निष्पक्षता बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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